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मजीतपुर शासकीय आश्रमशाला में आदिवासी विकास राज्यमंत्री डॉ. फुके के हस्ते तीरंदाजी प्रशिक्षण केंद्र का उद्घाटन प्राचीन काल से आदिवासी समाज तीरंदाजी में निपुण,युवा बनाये तीरंदाजी में अपना कैरियर

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मजीतपुर शासकीय आश्रमशाला में आदिवासी विकास राज्यमंत्री डॉ. फुके के हस्ते तीरंदाजी प्रशिक्षण केंद्र का उद्घाटन
प्राचीन काल से आदिवासी समाज तीरंदाजी में निपुण,युवा बनाये तीरंदाजी में अपना कैरियर

गोंदिया टुडे न्यूज़ नेटवर्क।
तिरोड़ा। 5 सितंबर
तीरंदाजी की कला प्राचीन काल से चली आ रही है। वह जीवन के बीच आत्मरक्षा के लिए आदिवासी समाज तीरंदाजी करता आया है। आज के युग में आदिवासी समाज के युवक-युवती बेसिक शिक्षा के साथ स्पर्धा परीक्षा में आगे बड़े इस हेतु आदिवासी विभाग के माध्यम से सरकार अनेक योजनाओ को चला रही है। उनके लिए स्मार्ट रूम, ई-लाइब्रेरी, प्रशिक्षण सेंटर आदिवासी आश्रमशालाओं में प्रारम्भ किये गये है। जिससे वे अपना कैरियर बना रहे है। आज तिरोड़ा के मजीतपुर शासकीय माध्यमिक व उच्च माध्यमिक आदिवासी आश्रम शाला में धनुर्विद्या प्रशिक्षण यानी तीरंदाजी प्रशिक्षण केंद्र प्रारम्भ किया गया, जहा से युवाओं को खेल में आगे बढ़ने के अवसर प्राप्त होंगे। उक्त आशय आदिवासी विकास व वन राज्यमंत्री डॉ. परिणय फुके ने केंद्र के उद्घाटन व शिक्षक दिवस पर सरपंच समारोह के दौरान व्यक्त किये।

इस दौरान तिरोड़ा विधायक विजय राहंगडाले, समाजकल्याण सभापति विश्वजीत डोंगरे, आदिवासी विकास विभाग के अधिकारी, अदानी फाउंडेशन के प्रमुख नीतिन सिरालकर, नंदिनी ताई आंबेडारे, प्रकाश पटले, मुशताक पटेल आदि उपस्थित थे।

पालकमंत्री ने आगे कहा, इस तीरंदाजी प्रशिक्षण केंद्र को प्रारम्भ युवाओँ को खेल के प्रति उत्साह मिला है। तीरंदाजी का ये खेल धनुष्य बाण का प्रक्षेपण है। इस खेल में अब तक ओलंपिक स्तर पर कोई पदक नही मिला है। अगर आदिवासी युवक इस खेल में कैरियर बनाते है तो अवश्य भारत विजेता होंगा। इस खेल के प्रशिक्षण हेतु अदानी कंपनी के माध्यम से योग्य शिक्षक इसका प्रशिक्षण देंगे। उन्होंने अदानी के सहयोग की सराहना की।

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