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नाना पटोले का साथ छोड़ने वाले नीलम हलमारे ने कहा- 14 साल वनवास की जिंदगी गुजार दिया

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नाना पटोले का साथ छोड़ने वाले नीलम हलमारे ने कहा- 14 साल वनवास की जिंदगी गुजार दिया

जावेद खान।

गोंदिया। शेर के बच्चे को छावा कहा जाता है। और इन्ही छावाओ ने स्थापना से लेकर 14 साल तक छावा संग्राम को चलाते हुए अब राम राम कर दी है। इतना ही नही कांग्रेस नेता नाना पटोले से सारी नजदीकियां समाप्त कर अपने पदों से इस्तीफा दे दिया है।
नाना पटोले के छावा संग्राम परिषद के जिलाध्यक्ष रहे और नाना पटोले के पारिवारिक सदस्य के रूप में रहकर नाना पटोले का वर्चस्व कायम करने वाले नीलम हलमारे कहते है, मैंने जुझारू होकर नानाभाऊ के लिए अपनी सारी ताकत लगा दी। रात को रात और दिन को दिन नही समझा। पिछले 14 सालों से हमने छावा संग्राम के माध्यम से निश्वार्थ भाव से कार्य किया। परन्तु नानाभाऊ ने कभी हमारी पीठ नही थप थपाई। नीलम कहते है, इतने साल राजनीति में रहने वाले वो भी नाना पटोले जैसे नेता के साथ रहकर भी हम सिर्फ 14 साल का वनवास काटे है ऐसा लगता है। हम कल जहा थे आज भी वही है। इतनी बड़ी युवाओ की फौज जो बेरोजगार है उनके लिए नानाभाऊ ने कभी कुछ नही सोचा। जिससे आज उन्हें शर्मिदगी हो रही है।
नीलम हलमारे कहते है, उन्होंने फैसला सोच समझकर लिया है। छावा से इस्तीफा देकर एवं नाना पटोले से सारे रिश्ते तोड़ते हुए वे अब सिर्फ अपने युवाओ के लिए आगे बढ़ेंगे।
उनके इस्तीफे के बाद नाना पटोले के दाँय, बाएं और उनके खासमखास के अनेको फोन नीलम हलमारे को आ रहे है। पर नीलम ने अब आ अब फिर लौट चले कि भूमिका को लात मार दी है। वे किस पार्टी में जाकर अपने भविष्य को संभाल पाएंगे फिलहाल उन्होंने कुछ कहा नही। उनके और समर्थकों के बीच गहन चर्चा का दौर जारी है।
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