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गोंदिया रेलवे स्टेशन को “अ” श्रेणी का अतिमहत्वपूर्ण दर्जा प्राप्त….बढ़ गई सुरक्षा, एयरपोर्ट की तरह होंगी सघन निगरानी व जांच

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गोंदिया रेलवे स्टेशन को “अ” श्रेणी का अतिमहत्वपूर्ण दर्जा प्राप्त….बढ़ गई सुरक्षा, एयरपोर्ट की तरह होंगी सघन निगरानी व जांच

रेल उपभोक्ता सलाहकार समिति सदस्य, रेल संगठन व रेलयात्रियों ने रेलवे के कड़े नियमों पर जताया एतराज…

गोंदिया टुडे न्यूज़ नेटवर्क।
गोंदिया। रेल मंत्रालय भारत सरकार द्वारा देश के नामचीन व अधिक आवागमन और राजस्व देने वाले अतिमहत्व पूर्ण रेलवे स्टेशनो को “अ”श्रेणी का दर्जा देते हुए, उसे कड़े नियमों के दायरे में ला दिया है। इसी कड़ी में नागपुर के बाद गोंदिया रेलवे स्टेशन जो जंक्शन भी है, उसे अतिमहत्वपूर्ण और अधिक राजस्व, आवागमन वाला रेलवे स्टेशन मानकर उसकी सुरक्षा में इजाफा कर दिया गया है।

रेलवे बोर्ड के नए नियमो व आदेश के अनुसार अब गोंदिया रेलवे स्टेशन में एयरपोर्ट की सुरक्षा की तरह सुरक्षा प्रदान की जाएंगी। रेलयात्रियों को स्टेशन में आने और जाने के लिये स्टेशन के दोनों और के छोर में मात्र दो द्वार (इन-आउट) गेट होंगे। इसके अलावा इसके पूर्व आगमन और निकासी करने के सभी रास्ते 28 सितंबर से बंद कर दिए जाएंगे। यात्रियों को ट्रेन आने के 30 मिनट पूर्व पहुचना होंगा।

गोंदिया रेल्वे स्टेशन में रेलटोली परिसर से पश्चिम साइड का मालधक्का के ऊपर वाला फुट ओवर ब्रिज से आवागमन बंद किये जाने का आदेश निगर्मित है वही यात्रियों को सिर्फ रेलटोली परिसर के बुकिंग आफिस से व प्लेटफार्म नम्बर 1 से ही आवागमन करना है।

रेलवे बोर्ड के इस नए नियमों को लेकर यात्रियों ने कड़ा एतराज जताया है। रेल उपभोक्ता सलाहकार समिति सदस्य (डीआरयूसीसी) श्री चंद्रकांत पांडे सहित समाचार पत्रों के पत्रकार अतुल दुबे, चंद्रकांत खंडेलवाल, शिवशर्मा, रेल यात्री संगठन के सदस्य, रेल यात्री आदि ने स्टेशन परिसर में जाकर रेल प्रबंधक से मुलाकात की और यात्रियों पर थोपी गई असुविधा पर तीव्र विरोध जताया।

सदस्यों ने कहा, रेलवे नया नियम और कड़ी सुरक्षा ला रही है इसका हम स्वागत करते है, परन्तु यात्रियों को आवागमन के अन्य रास्ते बंद कर उनके साथ ज्यादती की जा रही है। पश्चिम क्षेत्र के लोगो को सबसे अधिक परेशानी का सामना करना होंगा। अगर कोई ट्रैन प्लेटफार्म 4,5,6 पर रुकती है तो और उसे स्लीपर या अन्य कोच में आगे बढ़ना हो तो, उन यात्रियों को लंबी दूरी पूरी पार कर जाना होंगा जो सबसे बड़ी परेशानी है।

समिति सदस्यों ने कहा, रेलवे बोर्ड सुरक्षा के दायरे बढ़ाये, पर यात्रियों को दुविधा में डालकर नही, सुविधाएं देकर करें। अगर ऐसा ही रहा तो वे रेलवे बोर्ड और मंत्रालय को पत्र प्रेषित कर इसका जवाब मांगेंगे।

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